Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the newsmatic domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/imagequo/domains/shrinaradmedia.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6121
महिला खिलाड़ी ने ही खोली ओलंपिक गेम्स की पोल, बताया- रात को हर कमरे से आती है तेज-तेज आवाजें - श्रीनारद मीडिया

महिला खिलाड़ी ने ही खोली ओलंपिक गेम्स की पोल, बताया- रात को हर कमरे से आती है तेज-तेज आवाजें

महिला खिलाड़ी ने ही खोली ओलंपिक गेम्स की पोल, बताया- रात को हर कमरे से आती है

तेज-तेज आवाजें

श्रीनारद मीडिया, सेंट्रल डेस्‍क:

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) शुरुआत से ही विवाद में है. पहले तो कोरोना महामारी (CoronaVirus) के बीच इसके आयोजन ने कई लोगों को नाराज कर रखा था. इसके बाद खिलाड़ियों के 1 लाख 60 हजार कंडोम (Condoms in Tokyo Olympics) बांटने की खबर ने सबको हैरान कर दिया. जहां कोरोना की वजह से खिलाडियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए, वहां आयोजन समिति इनके बीच कंडोम वितरित कर रही है. इन खबरों के बीच जर्मनी की 52 वर्षीय महिला एथलीट सुसेन ने गेम्स से जुड़े कई खुलासे किये हैं.

सुसेन ने बताया कि गेम्स के दौरान कई बार खिलाड़ी रात को सो नहीं पाते हैं. ऐसा होता है वहां हर कमरे में हो रहे सेक्स से आती आवाजों के कारण. सुसेन ने ओलंपिक में नो सेक्स रूल को शुरू करने की वकालत की है. खासकर अभी जब कोविड चल रहा है. इस साल टोक्यो ओलंपिक तब विवादों में आ गया था जब आयोजकों ने खिलाड़ियों ने बीच एक लाख 60 हजार कंडोम बांटने का फैसला किया था. हालांकि, विवाद शुरू होने के बाद कमिटी ने कहा था कि खिलाड़ी ये कंडोम साथ घर ले जाएंगे. लेकिन अब सुसेन के खुलासे ने सारी पोल खोल दी है.

दो बार ले चुकी हैं हिस्सा
सुसेन ने 1992 और 2000 ओलंपिक में हिस्सा लिया था. अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि ऐसी कई रातें होती हैं जब आप सो नहीं पाते. गेम्स में हिस्सा लेने आए लगभग हर खिलाड़ी के कमरे में रात को एक पार्टनर होता है. सेक्स की तेज आवाजों के बीच सो पाना काफी मुश्किल काम है. ऐसे में उन्होंने इस साल कोविड में नो सेक्स रूल की वकालत की. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए. सुसेन ने बताया कि एक बार दिन में इवेंट खत्म होने के बाद एक के बाद एक पार्टियों का दौर शुरू हो जाता है.

शराब और सेक्स का तड़का
सुसेन ने बताया कि खिलाड़ी गेम्स के बाद शराब और सेक्स के नशे में डूब जाते हैं. गेम्स से पहले परफॉरमेंस की वजह से खिलाड़ी सेक्स से दूर रहते हैं. ऐसे में गेम्स के बाद यहां सेक्स चलता है. कुछ खिलाड़ी आपस में ही रोमांस कर लेते है तो कुछ वहां टिंडर या अन्य डेटिंग साइट्स के जरिये नए लोगों से मिलकर सेक्स करते हैं. यही वजह है कि जिस देश में ओलंपिक का आयोजन होता है वहां की सरकार खिलाडियों के बीच कंडोम बांटती है ताकि देश में HIV ना फैले.

इस साल अलग होंगे गेम्स
कोरोना के बीच होने वाले ओलंपिक गेम्स इस बार शुरू से ही विवादों में है. जहां खिलाड़ियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है वहीँ आयोजन समिति इसके बावजूद खिलाड़ियों में कंडोम बांट रही है. टोक्यो में जहां गेम्स के दौरान बाहर से कोई अंदर अलाउड नहीं है वहीँ फुकुशिमा, मियागी और शिज़ुओका में 50 प्रतिशत दर्शक आ पाएंगे. इसके अलावा खिलाड़ियों से इस बार अकेले ही खाने और सोशल डिस्टेंसिंग को कहा गया है. हालांकि, अब आगे देखना है कि इसका कितना पालन किया जाएगा.

यह भी पढ़े

Raghunathpur में देश के प्रतिष्ठित डॉ•लाल पैथ लैब्स”का कलेक्शन सेंटर का हुआ ग्राण्ड ओपेनिंग

देश में कमरतोड़ महंगाई और डीजल पेट्रोल के कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ राजद ने जताया विरोध

खाकी के अंदर  छुपी मां की ममता बाहर आई, विक्षिप्त महिला की गोद में पड़ी नवजात को महिला RPF ने पिलाया दूध

अयोध्या हनुमानगढ़ी ने पटना महावीर मंदिर पर किया अपना दावा

Leave a Reply

error: Content is protected !!