केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्षीय होने की संभावना.

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्षीय होने की संभावना.

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय देश के सभी विश्वविद्यालयों खासकर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (एफवाईयूपी) लागू करना चाहता है। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विश्वविद्यालयों के साथ चर्चा कर रहा है, वहीं शिक्षा मंत्रालय ने भी सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा है कि वे एफवाईयूपी लागू करने की योजना बनाएं।

पिछली बार से अलग है पाठ्यक्रम 

शिक्षा मंत्रालय चाहता है कि देश के सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अब तीन एवं चार वर्षीय स्नातक और दो वर्षीय परास्नातक पर विचार-मंथन शुरू होना चाहिए ताकि इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो सके। मंत्रालय का कहना है कि यह पाठ्यक्रम पिछली बार 2013 में शुरू किए गए चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम से अलग है। इस बार कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों को उनके नियमित तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों को संचालित करने की अनुमति होगी।

मल्टीपल एंट्री एंड एक्जिट का होगा विकल्‍प

साथ ही यह नई प्रणाली भी लागू की जा सकेगी। इसमें छात्रों को बार-बार कोर्स में प्रवेश लेने और छोड़ने (मल्टीपल एंट्री एंड एक्जिट) का विकल्प उपलब्ध होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बताया कि इस बार नई शिक्षा नीति के तरह एक तीन वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम और वैकल्पिक चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम उपलब्ध है, इसी तरह दो वर्षीय और एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम उपलब्ध है।

सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को संदेश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा गया है, ‘इसे कैसे करना है, इसकी आपको स्वायत्तता है। यह आप पर है कि आप इसे कैसे लागू करेंगे। अगले साल तक इस विषय पर सभी को अपनी प्रक्रिया का फैसला कर लेना चाहिए।’ इस मसले पर मंत्रालय सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक कर चुका है। दिल्ली समेत कई विश्वविद्यालयों में अगले सत्र से चार वर्षीय पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला हो भी चुका है।

 

Leave a Reply

error: Content is protected !!