बच्चों के गृह आधारित देखभाल को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को मिल रहा प्रशिक्षण

 

बच्चों के गृह आधारित देखभाल को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को मिल रहा प्रशिक्षण

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– सदर अस्पताल में प्रशिक्षण का किया जा रहा आयोजन
– जिले की सभी प्रखंड की आशा कार्यकर्ताओं को मिल रहा एचबीवाईसी प्रशिक्षण

श्रीनारद मीडिया, किशनगंज (बिहार):

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सदर अस्पताल परिसर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल (एचबीवाईसी) से संबंधित विषय पर आशा कार्यकर्ताओं को पाँच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिले के सभी प्रखंड में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है। 13 दिसंबर से शुरू हुए उक्त प्रशिक्षण का 01 जनवरी को समापन होगा। इस दौरान प्रशिक्षण में मौजूद सभी प्रतिभागियों को छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिसमें गृह भ्रमण के तहत छोटे बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित देखभाल, बच्चों की देखभाल कैसे करनी है, इस दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना, बच्चों के स्वास्थ्य और मजबूत शरीर निर्माण को लेकर माता-पिता को दी जाने वाली आवश्यक जानकारी आदि दी जा रही है। यह प्रशिक्षण प्रशिक्षक एवं डीडीए सुमन सिन्हा के द्वारा दिया जा रहा है। विदित हो कि पहले बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में शनिवार को सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर के द्वारा सभी आशा को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरण किया गया।

– बच्चों के माता-पिता को प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों द्वारा दी जाएगी आवश्यक जानकारी

डीडीए सुमन सिन्हा ने बताया, छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को पाँच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी प्रशिक्षणार्थी अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर छोटे-छोटे बच्चों का स्वास्थ्य से संबंधित देखभाल करेंगे और बच्चों के स्वस्थ और मजबूत शरीर निर्माण के लिए बच्चों के माता-पिता को आवश्यक जानकारियाँ देंगे। जिसके दौरान जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना, छः माह तक सिर्फ स्तनपान कराने, छः माह की उम्र पार करने के बाद दो वर्षों तक स्तनपान के साथ उचित और पर्याप्त ऊपरी आहार देने, नियमित टीकाकरण कराने, साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने समेत तमाम जानकारियाँ दी जाएगी।

– छोटे बच्चों की देखभाल से संबंधित दी जा रही है विस्तृत जानकारी

सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक द्वारा मौजूद सभी प्रतिभागियों को छोटे बच्चों की नियमित तौर पर स्वास्थ्य से संबंधित देखभाल की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिसमें बच्चों की देखभाल कैसे करनी है, देखभाल के दौरान किन-किन बातों को ख्याल रखना, बच्चों के शारीरिक विकास, कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने आदि समेत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए माता-पिता को दी जाने वाली आवश्यक और जरूरी सलाह की जानकारी विस्तारपूर्वक दी जा रही है। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत सभी प्रशिक्षणार्थी अपने कार्य का मुस्तैदी के साथ निर्वहन कर सकें और बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित हो सके।

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