आयुष्मान आरोग्य मंदिर शीतलपुर डीह को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत मिला नेशनल प्रमाण पत्र

आयुष्मान आरोग्य मंदिर शीतलपुर डीह को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत मिला नेशनल प्रमाण पत्र
• राष्ट्रीय रैंकिंग में मिला 90.75 प्रतिशत स्कोर
• गर्भावस्था और शिशु देखभाल में मिला 100 प्रतिशत अंक
• मरीजों को घर के पास मिल रही है उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं

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श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, सारण (बिहार):

सुदुर ग्रामीण इलाकों में घर के पास हीं उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणीकरण किया जा रहा है।

 

सारण जिले के दिघवारा प्रखंड के शीतलपुर डीह आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत राष्ट्रीय स्तर से प्रमाणित हो चुका है। राष्ट्रीय रैंकिंग में इस सेंटर को 90.75 प्रतिशत अंक मिला है। वहीं गर्भावस्था और शिशु देखभाल में 100 प्रतिशत अंक हासिल हुआ है। बता दें कि शीतलपुर डीह आयुष्मान आरोग्य मंदिर को राज्य स्तरीय रैंकिंग में 94 प्रतिशत अंक मिला था। 94 प्रतिशत अंक के साथ राज्य में पहला स्थान मिला था। राज्य स्तर से प्रमाणित होने के बाद नेशनल सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया गया था। जिसके बाद सेंट्रल टीम ने मूल्यांकन किया गया। नेशनल सर्टिफिकेशन के लिए कम से कम 70% अंक आवश्यक है।

स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और प्रभावी बनाना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल:
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने सुदूर ग्रामीण इलाकों में उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह प्रमाणीकरण दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार कर रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग घर के पास ही उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकें। आयुष्मान आरोग्य मंदिर शीतलपुर डीह की इस उपलब्धि से यह भी स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और प्रभावी बनाना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

तीन साल तक के लिए प्रत्येक साल मिलेगा 1.26 लाख रूपये
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि अब केंद्र सरकार द्वारा 3 साल तक प्रत्येक वर्ष 1.26 लाख रूपये दिया जायेगा। जो आयुष्मान आरोग्य मंदिर के उन्नयन में ख़र्च किया जायेगा। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों की टीम द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएँ, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।

क्या है उद्देश्य:
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेशचंद्र कुमार ने बताया कि एनक्वास का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों को अपनी गुणवत्ता का आकलन करने और उसे सुधारने के लिए प्रेरित करना है, ताकि नागरिकों को उच्चतम स्तर की चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। इस सेंटर को नेशनल सर्टिफाइड कराने में सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा, आरपीएम प्रशांत कुमार, डीपीएम अरविन्द कुमार, दिघवारा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रौशन कुमार, बीएचएम रिचा कुमारी, बीसीएम, बीएमएनई, सीएचओ विकास, एएनएम, आशा, डब्ल्यूएचओ, पिरामल, पीएसआई इंडिया, सीफार, यूनिसेफ का सहयोग रहा है।

इन पैरामीटर पर किया जाता है असेस्मेंट:
• सेवाएँ
• मरीजों के अधिकार
• इनपुट
• सपोर्ट सर्विसेस
• क्लिनिकल सर्विसेस
• इन्फेक्शन कंट्रोल
• गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम

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