शारदीय नवरात्रि  में  दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा अर्चना 

शारदीय नवरात्रि  में  दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा अर्चना

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आप सभी पाठको को इस शुभ दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐ

श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):

 

आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है और इस दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा होता है. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी को लाल रंग बेहद प्रिय है और इसे पहनकर पूजा करना शुभ होता है।

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, ब्रह्मचारिणी माता ने पुत्री बनकर पर्वतराज हिमालय के घर जन्म लिया. माता भगवान शंकर को पति के रूप में पाना चाहती थीं. अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए नारद जी की सलाह पर माता ने कठोर तप किया. तपस्या के कारण ही इनका नाम ब्रह्मचारिणी रखा गया. 1000 सालों तक इन्होंने फल और फूल खाकर अपना समय व्यतीत किया. साथ ही 100 वर्ष तक जमीन पर रहकर तपस्या की. कहते हैं कि कई हजार वर्षों तक निर्जल और निराहार रहकर तपस्या करने से देवता प्रसन्न हुए और मनोकामना पूर्ति का वरदान मिला.

🌺मां ब्रह्मचारिणी के पूजा मंत्र🌺

🌺ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।🌺
दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।🌺
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।🌺
जय अम्बे जगदम्बे मां ।
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