
मंदिर में सिर ढंक कर जाएं या खुला रखकर ??
मंदिर में सिर ढंक कर जाएं या खुला रखकर ?? श्रीनारद मीडिया, सेंट्रल डेस्क: सिर ढंकने की परंपरा हिन्दू धर्म की देन है। प्राचीनकाल में सभी के सिर ढंके ही होते थे अर्थात हर प्रांत की अपनी एक वेशभूषा थी जिसमें सिर पर पगड़ी पहनने का रिवाज था। राजस्थान, मालवा व निमाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों…