पंडित मदन मोहन मालवीय जी का क्या था स्वराज्य?

पंडित मदन मोहन मालवीय जी का क्या था स्वराज्य? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क स्वतंत्रता का न होना, उन्नति के अवसरों को खोना है, उन्नति के अवसरों को खोना, अधःपतन है; और अधःपात मृत्यु के तुल्य है। – -पंडित मदन मोहन मालवीय पंडित मदन मोहन मालवीय स्वराज्य को मानवीय धर्म का महामंत्र मानते थे; क्योकि पराधीनता…

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जेएनयू भविष्य की अनिश्चितताओं का स्रोत।

जेएनयू भविष्य की अनिश्चितताओं का स्रोत। विचारों की स्वतंत्रता जेएनयू की विशेषता। श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क जीवन तमाम संभावनाओं के साथ एक अंतहीन प्रतीक्षा है न संभावनाओं का अंत है न ही प्रतीक्षा का! जेएनयू में एक कहावत है-आप अमेरिका जा सकते हैं और मुनिरका भी। नमस्कार। एक बार पुन: 23 वर्ष पुरानी याद को…

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थोड़ कइलें गान्ही बाबा ढ़ेर कइलस लोगवा

थोड़ कइलें गान्ही बाबा ढ़ेर कइलस लोगवा श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क ई सारन आ चम्पारन में प्रचलित लोक – उक्ति ह। एकरा से ई व्यंजित होला कि भोजपुरी जन का तिल के तार आ राई के पहाड़ बनावे खूब आवेला। भोजपुरी मनई भावुक ढ़ेर होलें। जब सराहे लगिहें त अइसन कसिदा कढ़िहें कि ऊ कसिदवे…

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अन्न की बर्बादी क्यों नहीं करनी चाहिए?

अन्न की बर्बादी क्यों नहीं करनी चाहिए? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अनाज की बर्बादी का मुख्य कारण समुचित भंडारण का न होना है. इस अभाव को पाटना जरूरी है. अनाज संरक्षण के लिए केवल भारतीय खाद्य निगम के कुछ केंद्रों और छोटे-छोटे निजी गोदामों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है. बरसात के दिनों में…

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रामानुजन को ‘गणितज्ञों का गणितज्ञ’ क्यों कहा जाता है?

रामानुजन को ‘गणितज्ञों का गणितज्ञ’ क्यों कहा जाता है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क रामानुजन द्वारा गणित में की गयी अद्‌भुत खोजें ही आज के आधुनिक गणित और विज्ञान की आधारशिला बनीं. संख्या सिद्धांत पर रामानुजन के अद्भुत कार्य के लिए उन्हें ‘संख्याओं का जादूगर’ माना जाता है. रामानुजन को ‘गणितज्ञों का गणितज्ञ’ भी कहा जाता…

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क्या पत्रकारिता की गारंटी निष्पक्षता है?

क्या पत्रकारिता की गारंटी निष्पक्षता है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क सोशल मीडिया ने पारंपरिक मीडिया गढ़ों को चुनौती दी और पत्रकारिता को सहज सुलभ बनाया. सत्ता, काॅरपोरेट और दूसरे प्रतिष्ठानों के जरिये सामने न आ पाने वाली खबरों के लिए यह उत्साहजनक उम्मीद के रूप में उभरा. सोशल मीडिया से पहले छोटे पत्र-पत्रिकाओं ने वैकल्पिक…

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अपने ग्यारह प्रस्तावों को अनुमोदित करने के साथ ही सम्पन्न हुआ 27वां अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन।

अपने ग्यारह प्रस्तावों को अनुमोदित करने के साथ ही सम्पन्न हुआ 27वां अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन। स्वर्ण जयंती वर्ष (1973-2023)के सम्मेलन में रखे गए ग्यारह प्रस्ताव। श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का 27 वां अधिवेशन जमशेदपुर के तुलसी भवन में 16 और 17 दिसंबर 2023 को संपन्न हुआ। अखिल भारतीय…

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नाम भिखारी और काम का राजा.. कैसन लिखलल हे भाग के विधाता

नाम भिखारी और काम का राजा.. कैसन लिखलल हे भाग के विधाता श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 1887 का साल था और कुतुबपूर दियरा,जिला छपरा का एक गाँव….एकदम से गरीबों और भिखारियों के मुफीद ही एक ऐसा गाँव जहाँ 18 दिसंबर को एक अनमोल “भिखारी” का जन्म हुआ।एक ऐसे “भिखारी” का जन्म जिसने भोजपुरी साहित्य और…

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जलवायु परिवर्तन से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये COP 28 का महत्व!

जलवायु परिवर्तन से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये COP 28 का महत्व! श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क  कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ का 28वें सम्मेलन (28th Conference of Parties- COP28) संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में संपन्न हुआ, जिसमें 197 देशों के प्रतिनिधियों ने ‘ग्लोबल वार्मिंग’ को रोकने के लिये अपनी पहलों को प्रस्तुत किया और भविष्य की जलवायु…

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भारत में आरक्षण की क्या आवश्यकता है?

भारत में आरक्षण की क्या आवश्यकता है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क भारत की सदियों पुरानी जाति व्यवस्था देश में आरक्षण प्रणाली की उत्पत्ति के लिये ज़िम्मेदार है। सरल शब्दों में कहें तो यह आबादी के कुछ वर्गों के लिये सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों और यहाँ तक कि विधायिका तक पहुँच को सुविधाजनक बनाने से संबंधित है। इन वर्गों को…

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भारत में आरक्षण नीति नहीं राजनीति है,कैसे?

भारत में आरक्षण नीति नहीं राजनीति है,कैसे? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क राजनीतिक विशेषज्ञों और अन्य लोगों की राय है कि भारत में आरक्षण प्रणाली को अब समाप्त कर दिया जाना चाहिये। इसके साथ ही, कई लोगों का तर्क है कि सकारात्मक कार्रवाई (affirmative action) संबंधी विमर्श को विवाद के रूप में वर्गीकृत करना आरक्षण से लाभान्वित हो रहे समुदायों के…

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अनुच्छेद 370 पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का क्या मतलब है?

अनुच्छेद 370 पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का क्या मतलब है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 370 में संशोधन करने के केंद्र सरकार के वर्ष 2019 के कदम पर अपना निर्णय सुनाया। इस निरसन ने पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर को प्रदत्त विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। न्यायालय ने अनुच्छेद 370 को रद्द करने वाले संवैधानिक आदेश को वैध…

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भाजपा ने चौंकाया, कांग्रेस में बदलाव कब?

भाजपा ने चौंकाया, कांग्रेस में बदलाव कब? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव परिणामों में तो भाजपा ने चौंकाया ही। साथ ही उसने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री चेहरों का ऐलान करके भी चौंका दिया। शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और वसुंधरा राजे सिंधिया जैसे दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद नए…

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पुस्तकें ही व्यक्ति की सच्ची मित्र होती हैं,कैसे?

पुस्तकें ही व्यक्ति की सच्ची मित्र होती हैं,कैसे? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क गुलजार साहब की किताबों पर लिखी एक कविता मुझे बेहद पसंद है. यह कविता किताबों से हमारे बदलते रिश्ते को दर्शाती है. ‘किताबें झांकती है बंद अलमारी के शीशों से, बड़ी हसरत से तकती हैं/ महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं, जो शामें उनकी…

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आज नहीं तो कल होगा, जनता की सहयोग से ही समस्या का हल होगा!

आज नहीं तो कल होगा, जनता की सहयोग से ही समस्या का हल होगा! श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क जिन माननीय सदस्यों ने इस बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर के संबंध में भारतीय सरकार की नीति के विषय में उदारता से बोला है, मैं उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करता हूं। आज हमारी उस नीति को खुले दिल…

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