केयू रोस्ट्रम प्रतियोगिता में छवि शर्मा व योगेश कुमार ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
18 विभागों के छात्रों ने लिया रोस्ट्रम प्रतियोगिता में भाग
श्रीनारद मीडिया, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक, हरियाणा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में प्रतिष्ठित सार्वजनिक भाषण प्रतियोगिता (रोस्ट्रम) के दूसरे चरण का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 18 विभिन्न विभागों के प्रतिभाशाली छात्रों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस प्रतियोगिता में पहला स्थान कॉमर्स डिपार्टमेंट की छात्रा छवि शर्मा ने प्राप्त किया, दूसरा स्थान फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के छात्र लक्ष्य कुमार ने हासिल किया और तीसरा स्थान कॉमर्स डिपार्टमेंट की छात्रा संजना ने जीता जबकि यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट की छात्रा ख्वाइश और पुस्तकालय विज्ञान विभाग की छात्रा सोनिका, सांख्यिकी विभाग की उर्वी गौतम व कैमिस्ट्री विभाग के सारांश मौर्य को विशेष पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त भूगोल विभाग के योगेश कुमार ने प्रथम, पंजाबी विभाग की खूशबू ने दूसरा व फिजिक्स विभाग की साक्षी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एनवायरमेंटल स्टडीज की शोधार्थी नेहा कलोनिया ने स्टूडेंट कम्पेरर का पुरस्कार प्राप्त किया। दीपक कुमार ने टाइम कीपर का पुरस्कार प्राप्त किया।
इस प्रतियोगिता के संचालक प्रोफेसर ओमवीर सिंह और सह संचालक प्रोफेसर अर्चना चौधरी ने बताया कि यह सार्वजनिक भाषण प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें विभिन्न विभागों के छात्र एवं छात्राएँ भाग लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने निर्देशानुसार इस प्रतियोगिता का सुचारू रूप से संचालन डॉ. संतलाल निर्वाण व डॉ. हरदीप राय ने किया। छात्र संचालकों के रूप में विधि संस्थान के नवदीप ढुल और प्रगति सैनी ने आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. अनीता भटनागर, प्रो. हरदीप लाल जोशी, प्रो. वनिता ढींगरा व प्रो. परमेश कुमार शामिल रहे।
2 से 4 अप्रैल तक आयोजित होगी रोस्ट्रम प्रतियोगिता।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि यह प्रतियोगिता 2-4 अप्रैल तक चलेगी। इस प्रतियोगिता के दूसरे चरण में उन छात्रों ने भाग लिया जिन्होंने पहले चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह अवसर प्राप्त किया था। यह आयोजन विश्वविद्यालय की बौद्धिक और अभिव्यक्तिगत क्षमताओं को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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