Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the newsmatic domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/imagequo/domains/shrinaradmedia.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6121
अमेरिका के कैलफोर्निया में भी घनश्यम शुक्ल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर हो रही है चर्चा - श्रीनारद मीडिया

अमेरिका के कैलफोर्निया में भी घनश्यम शुक्ल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर हो रही है चर्चा

अमेरिका के कैलफोर्निया में भी घनश्यम शुक्ल के व्यक्तित्व व कृतित्व पर हो रही है चर्चा

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

आलेख ः  तरूण कैलाश जी‚ कैलफोर्निया‚ अमेरिका

श्रीनारद मीडिया‚ सेंट्रल डेस्कः

परम आदरणीय गुरूजी (स्व. श्री घनश्याम शुक्ल जी) से हमनी के सपरिवार (स्वस्ति, श्रेया, पौरुष आ हम) मिले से सौभाग ५ अगस्त २०१८ में मिलल रहे। ओह बरिस स्वस्ति के भारत आगमन प, आखर परिवार पंजवार गाँव में एगो स्वागत समारोह आ संस्कार गीतन के आयोजन कइले रहे। दुआर प चहुँपते के साथ ई केहु के चिन्हावे के ना पड़ल कि गुरुजी के हईं – ऊहाँ के सहज, सरल, स्नेहिल सोभाव ही परिचय रहे। हाली दे चाह-नस्ता-पानी के इंन्तज़ाम में लाग गईनीं।

– तीली में हेने आ तीली में होने – मने बुझात रहे कि ऊहाँ के हमनी के अपना पपनी प बइठा देब। हरियर बगइचा, चाँपाकल से ऊहाँ के पूरा हाता अइसन गहगह भईल रहे कि स्वस्ति के अपना लइकाईं प के बगइचा में अमरूद तूड़े के आदत उपट पड़ल। तले का देखतारी कि गुरुजी अपना हाथे छिपा माँजत बानीं आ कतनो कहला प हमनी के हाथो ना लगावे दीहनीं – ओह!

अतना ऊहाँ के ममत्व के भाव में ऊतराईल रहनीं। ऊहाँ के द्वारा स्थापित संगीत महाविद्यालय में घुसते अस शांति मिलल कि तबला प हाथ कब चले लागल, पते ना चलल। आ हँ बेटी लेखा बिदाईये ना भईल, साथे साथ दोहरावन मिले के सुअवसर मिलल जब ऊहाँ के अगिला कार्यक्रम में आरा आगमन भईल त भगवान के किरपा से मिले के अवसर त मिलले रहे।

एह बरिस बे बतवले पंजवार चहुँप के “surprise” देबे के योजना बनावत रहनीं, बाकिर मनहूस ख़बर मिल गईल कि ऊहाँ के अब नईखीं…
ऊहाँ के सतकर्म आ सनमार्ग हरमेसा ध्यान रहे, भगवान से ईहे हथजोड़ी बा।

यह भी पढ़े

इत्र कारोबारी पीयूष जैन गिरफ्तार, छापेमारी में करीब 280 करोड़ रुपये नकद बरामद.

मैरवा के कविता में कालभैरव का मासिक पूजा अर्चना आयोजित

सर्जना न्यास के कार्यालय में  गाँधी-जेपी की परंपरा के अनूठे और जीवंत कर्मयोगी घनश्‍याम शुक्‍ला के निधन पर शोक सभा आयोजित

शुक्ल जी स्कूल का नाम बदलिये !

 किसान पाठशाला में हुआ मशरूम उत्पादक का किट का वितरण

Leave a Reply

error: Content is protected !!