नये एंबुलेंस के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की प्रक्रिया

नये एंबुलेंस के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की प्रक्रिया

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

-सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को मिलेंगे जल्द ही एंबुलेंस

श्रीनारद मीडिया, औरंगाबाद (बिहार):

औरंगाबाद  जिला में एंबुलेंस की जर्जर व्यवस्था को देखते हुए नये एंबुलेंस मंगाये जायेंगे। इसे लेकर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं केयर इंडिया द्वारा एंबुलेंसों का असेसमेंट कर इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के राज्यस्तरीय पदाधिकारियों को दी गयी है। राज्य स्तर से आवश्यक निर्देश प्राप्त होने के बाद एंबुलेंस मंगाये जायेंगे।

सिविल सर्जन डॉ कुमार वीरेंद्र प्रसाद ने जानकारी दी कि जिला में लगभग सभी एंबुलेंस काम कर रहे हैं। हालांकि उनमें कमियां हैं, उसे ठीक करा कर काम लिया जा रहा । सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। दो एंबुलेंस को छोड़ कर सभी एंबुलेंस लगभग काम कर रहे हैं। उम्मीद है प्रक्रिया पूर्ण होते ही जल्द नये एंबुलेंस जिला को प्राप्त हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि सभी जर्जर एंबुलेंस को हटा लिया जायेगा। किसी भी हालत में अनफिट एंबुलेंस का इस्तेमाल नहीं किया जाना है। इसकी सूचना जिला तथा राज्यस्तर के अधिकारियों को भी दी गयी है।

एंबुलेंस की सुविधा सभी प्रकार के मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध है: गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस द्वारा उन्हें स्वास्थ्य केंद्र लाने या उन्हें घर पहुंचाने के संबंध में बताया कि इसकी सूचना 102 टॉल फ्री नंबर पर दी जानी है। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती है। एंबुलेंस नहीं रहने की स्थिति में अन्य वाहन भाड़े पर लिये जा सकते हैं। किसी अन्य वाहन के गर्भवती को अस्पताल लाने तथा प्रसव के बाद घर पहुंचाने के लिए भाड़े का वहन स्वास्थ्य केंद्र द्वारा किये जाने का प्रावधान है। सरकारी एंबुलेंस का लाभ नि:शुल्क है। इससे गरीब मरीजों का काफी सुविधा ​भी मिल रही है।

यह भी पढ़े

आचार्य एवं प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय दिवस विभिन्न विषयों का दिया गया प्रशिक्षण

उत्तरभारतीयों की स्वाभिमान के लिए संघर्ष जारी रहेगा – अजय

बीजेपी किसान मोर्चा की आगामी 31 मई से 14 जून तक के कार्यक्रम तय 

शाही लीची को क्यों मिल रही है चुनौती?

Leave a Reply

error: Content is protected !!