स्थानीय बैसा अस्पताल में कराया जाता है संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव 

स्थानीय बैसा अस्पताल में कराया जाता है संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
previous arrow
next arrow

 

ज़िले के सभी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सुख सुविधाओं पर किया जाता है फोकस: सिविल सर्जन
जनवरी से दिसंबर तक 2663 महिलाओं का कराया गया संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव:
लक्ष्य प्रमाणीकरण के बाद स्थानीय सीएचसी में प्रसव को लेकर सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध: एमओआईसी
प्रसव के दौरान या बाद में मिलने वाली हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध: बीएचएम

श्रीनारद मीडिया, पूर्णिया, (बिहार):

ज़िले के कई स्वास्थ्य केंद्रों का लक्ष्य कार्यक्रम, कायाकल्प योजना एवं एन्क्वास के तहत प्रमाणीकरण किया जा चुका है। हालांकि अभी भी कई ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां केयर इंडिया एवं यूनिसेफ़ के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि लक्ष्य कार्यक्रम एवं कायाकल्प योजना के तहत प्रमाणीकरण के बाद से प्रसव पीड़ित महिलाओं को अब स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैसा में ही प्रसव कराया जाता है। यहां हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पहले भी संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराया जाता था लेकिन विशेष परिस्थितियों में सदर अस्पताल रेफर किया जाता था। सामान्य रूप से ज़िले के विभिन्न अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य रूप से तीन तरह की सुख सुविधाओं पर फोकस किया जाता है। इसमें स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का उत्तम व्यवहार अस्पताल प्रशासन को कार्य करना होता है।

 

जनवरी से दिसंबर तक 2663 महिलाओं का कराया गया संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव: प्रसव कक्ष की प्रभारी
प्रसव कक्ष की प्रभारी शायका प्रवीण के अनुसार, 2022 के जनवरी से दिसंबर तक 2 हजार 663 संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव स्थानीय प्रशिक्षित जीएनएम स्टाफ नर्स में शायका प्रवीण, दीप शिखा, शगुफ्ता प्रवीण, अभिलाषा कुमारी, स्वर्ण श्वेता भारती के अलावा एएनएम में निर्मला कुमारी एवं सुनीता कुमारी के द्वारा प्रसव कराया गया है। इसमें जनवरी में 244, फ़रवरी में 240, मार्च में 194, अप्रैल में 205, मई में 192, जून में 145, जुलाई में 159, अगस्त में 256, सितंबर में 271, अक्टूबर में 261, नवंबर में 256 तथा  दिसंबर महीने के 29 तारीख़ तक 240 गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया गया हैं। इसमें शिशु एवं मातृ मृत्यु दर शून्य के बराबर है।

 

लक्ष्य प्रमाणीकरण के बाद स्थानीय सीएचसी में प्रसव को लेकर सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध: एमओआईसी
बैसा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रफ़ी ज़ुबैर ने बताया कि अगस्त 2021 में लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रमाणीकरण होने के साथ ही प्रसव कक्ष में मिलने वाली सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। इस कारण पहले की अपेक्षा संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी के साथ ही शिशु एवं मातृ मृत्यु दर नगण्य सी हो गई है। लक्ष्य कार्यक्रम एवं कायाकल्प योजना के तहत प्रमाणीकरण से पहले सीमित संसाधनों में भी स्थानीय प्रशिक्षित स्टाफ़ नर्स के द्वारा प्रसव कराया जाता था लेकिन उसकी संख्या कम थी। अब राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणीकरण को लेकर ज़िले  के अधिकारियों द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है।

 

प्रसव के दौरान या बाद में मिलने वाली हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध: बीएचएम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैसा के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक आलोक वर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय से दूर ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं का विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है, ताकि संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव कराने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। इसके अलावा  सभी तरह की व्यवस्थाएं पूरी तरह से निःशुल्क दी जाती हैं। इसमें प्रशिक्षित स्टाफ़ नर्स के द्वारा निःशुल्क प्रसव प्रबंधन, निःशुल्क दवा का वितरण, प्रसव के बाद गर्भवती महिलाओं को उनके घर से लाने एवं प्रसव के बाद अस्पताल से एम्बुलेंस द्वारा घर पहुंचाने की निःशुल्क व्यवस्था, नवजात शिशुओं का संपूर्ण टीकाकरण, नवजात शिशुओं के जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान सुनिश्चित कराने की व्यवस्था के साथ ही जन्म प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।

यह भी पढ़े

दस वर्षीय बालक का अपहरण करने का असफल प्रयास

पूर्व सैनिक वेलफेयर ट्रस्ट एसोसिएशन ने किया बृद्ध को निःशुल्क कंबल वितरण

साहित्य का मूल कार्य संवेदना को जागृत करना होता है- प्रो. सतीश कुमार राय

वन विभाग ने वितरित किया तीन लाख पंद्रह हजार का मुआवजा राशि

Leave a Reply

error: Content is protected !!