एक फरवरी को है मौनी अमावस्या,क्या है पूजन विधि?

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श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को एक महत्वपूर्ण दिन माना गया है। इस दिन, चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता है, यही कारण है कि इसे चंद्रमा दिवस या नया चंद्रमा दिवस भी कहा जाता है। इसे अमावसी भी कहा जाता है, यह हर महीने होता है, इसलिए साल में 12 अमावस्या की तिथियां होती हैं। यह दिन है जो शुक्ल पक्ष की शुरुआत या चंद्र महीने में उज्ज्वल पखवाड़े की शुरुआत करता है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार सनातन संस्कृति और धर्म में अमावस्या को बहुत महत्त्व दिया जाता है। शास्त्रों में अमावस्या को पितरों की तिथि भी कहा गया है। इसलिये दिन तिथि पर पितरों के नितित्त भाेजन निकालने का प्रावधान है। देशभर में हिंदू भक्तों द्वारा इस दिन कई महत्वपूर्ण अनुष्ठानों और परंपराओं को देखा जाता है। यह महीने की सबसे अंधेरी रात है और पुरानी मान्यताओं के अनुसार इसे वर्ष के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली समय में से एक माना जाता है।

1 फरवरी को है मौनी अमावस्या 

माघ अमावस्या जो हिंदू महीने माघ में पड़ती है, इसलिए इसका नाम माघ अमावस्या है। यह मौन व्रत के पालन का दिन है, इसलिए इसे मौनी अमावस्या व्रत के नाम से भी जाना जाता है। मौनी व्रत का अर्थ है व्रत का पालन करने वाला व्यक्ति उस दिन एक शब्द भी नहीं बोल सकता। यह उपवास का सबसे कठिन रूप है। केवल कुछ लोग ही इस व्रत को रखने में सफल हो पाते हैं। यह अपने स्वयं से जुड़ने का दिन है।

वर्ष 2022 की अमावस्या तिथियां

1 फरवरी मंगलवार

दर्शा अमावस्या, मघा अमावस्या, मौनी अमावस्याअमावस्या मार्च २०२२

फाल्गुन अमावस्या

2 मार्च बुधवार

चैत्र अमावस्या

1 अप्रैल शुक्रवार

वैशाख अमावस्या

20 अप्रैल शनिवार

ज्येष्ठ अमावस्या

30 मई सोमवार

आषाढ़ा अमावस्या

29 जून बुधवार

श्रावण अमावस्या

28 जुलाई गुरुवार

भाद्रपद अमावस्या

27 अगस्त शनिवार

आश्विन अमावस्या

25 सितम्बर रविवार

कार्तिक अमावस्या

25 अक्तूबर मंगलवार

इस अमावस्या पर दिवाली, कार्तिका अमावस्या, लक्ष्मी पूजा, केदार गौरी व्रत, चोपड़ा पूजा, शारदा पूजा, बंगाल काली पूजा, दिवाली स्नान, दिवाली देवपूजा होती है।

मार्गशीर्ष अमावस्या

23 नवम्बर बुधवार

पौष अमावस्या

23 दिसम्बर शुक्रवार

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