मेडिकल कॉलेज बदल देगा मैरवा की तस्वीर!

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सीवान सहित उत्तर प्रदेश और बिहार के तकरीबन दर्जनभर जिलों के लोगों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा

मांग के अनुरूप मैरवा के बुनियादी ढांचे में आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन, भरपूर रोजगार जनन के साथ बहेगी आर्थिक समृद्धि की बयार भी

श्रीनारद मीडिया‚ गणेश दत्त पाठक‚ सीवान (बिहार)

सीवान जिले के मैरवा में मेडिकल कॉलेज के स्थापना की दशकों पुरानी मांग पूरी हो गई है। मैरवा में 25 एकड़ जमीन पर 500 बेड के अस्पताल के लिए तकरीबन 600 करोड़ की योजना पर काम चल रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से इस मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने पर मैरवा के तस्वीर के बदल जाने की संभावनाएं जताई जा रही है। इससे एक तरफ, जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिलने से स्थानीय लोगों के आरोग्य रक्षण में सहायता मिल पाएगी। वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार के जनन से तथा व्यवस्थाओं की उपलब्धता की मांग के पूरा करने के संदर्भ में समृद्धि भी आएगी। मैरवा भविष्य में एक बड़ा स्वास्थ्य हब बन सकता है!

रेफर से मिलेगी राहत, बचेगी अनमोल ज़िंदगिया

सीवान और आसपास के क्षेत्रों में देखा जाता रहा हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों और गंभीर मरीजों को बड़े शहरों की तरफ रेफर कर दिया जाता है। वहां पहुंचने में लगे समय के दौरान कई मरीजों की मृत्यु तक हो जाती हैं। रेफर होने पर आर्थिक बोझ भी काफी बढ़ जाता है। अब स्थानीय स्तर पर मेडिकल कॉलेज होने से मरीजों का यहीं पर इलाज हो जाएगा। न जाने कितनी ज़िंदगिया असमय काल के गाल में समाने से बच जाएंगी और आर्थिक आधार पर भारी चपत से भी राहत मिलेगी।

मिलेगी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा

मेडिकल कॉलेज मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्तरीय मानकों के आधार पर स्थापित होते हैं। इन मेडिकल कॉलेज के मानव संसाधनों के साथ बुनियादी व्यवस्थाओं की गुणवत्ता का भी विशेष ख्याल रखा जाता है। ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू के साथ अन्य व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होती हैं। इस कारण मैरवा मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने से सिवान प्रक्षेत्र के गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को विशेष तौर पर फायदा मिलेगा। गौरतलब है कि बदलती जीवन शैली और उपभोक्तावादी संस्कृति के कारण रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और किडनी संबंधी व्याधियों का दायरा बढ़ता जा रहा है। समय पर रोग की पहचान होने से इलाज में भारी मदद मिलेगी।

मैरवा बन जाएगा मेडिकल हब

मैरवा मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने से मैरवा के आसपास कई निजी पैथोलॉजी लैब, दवा दुकानें, एमआरआई, एक्सरे सेंटर्स भी अस्तित्व में आ जाएंगे। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मरीजों को किफायती दर पर सुविधाएं भी मिलने लगेंगी। हर तरह की जांच सुविधा, हर तरह की दवाइयों की उपलब्धता से मरीजों को बहुत फायदा होगा। इससे आरोग्य रक्षण में बेहतर मदद मिलेगी।

हाईवे से जुड़ाव स्वास्थ्य सेवा के लिए बेहतर

निकट भविष्य में मैरवा से होकर राम जानकी पथ फोर लेन तथा गोरखपुर सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेस वे से भी जुड़ाव बेहतर परिणाम देगा। गोरखपुर में एआईआईएमएस अस्तित्व में आ चुका है। मरीजों के लिए लखनऊ, दिल्ली, कोलकाता जाने में भी ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। गंभीरतम श्रेणी के मरीजों के आरोग्य रक्षण में भारी मदद मिल पाएगी।

महामारी के दौर में होगा बड़ा संबल

अभी हाल में कोरोना महामारी के दौर में हमने देखा कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा की अनुपलब्धता ने कितनी विकट परिस्थिति उत्पन्न कर दी थी। मरीज पटना रेफर होते थे और वहां बेड ही नहीं मिल पाते थे। मैरवा में मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने से भविष्य में किसी महामारी से सामना में सिवान सहित उत्तर प्रदेश और बिहार के तकरीबन एक दर्जन जिलों के मरीजों को भारी मदद मिल पाएगी।

मैरवा के स्वच्छता के संदर्भ में होंगे प्रयास

मैरवा में मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने के बाद सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही नहीं पूरे मैरवा को स्वच्छ बनाने के प्रयास भी होंगे। जिससे मैरवा को गंदगी से निजात मिल पाएगी। नाले आदि ड्रेनेज सिस्टम की बेहतरी के प्रयास भी धरातल पर दिखेंगे। बिजली व्यवस्था भी बेहतर होंगी।

मैरवा के विकास को लगेगा पंख

मैरवा में मेडिकल कॉलेज प्रांगण में हॉस्पिटल, आवासीय परिसर , शैक्षणिक परिसर का निर्माण हो रहा है। लेकिन इससे शायद मेडिकल कॉलेज के स्टाफ के आवासीय जरूरत पूरे नहीं हो पाएं। साथ ही, मरीजों और तामीरदारों के लिए भी आवासीय व्यवस्था की मांग बढ़ेगी। इससे मैरवा में आवासों की मांग को पूरा करने के लिए निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

भारी मात्रा में होगा रोजगार जनन

मैरवा में मेडिकल कॉलेज के इत्तर अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से भारी मात्रा में रोजगार जनन होगा। पैथोलॉजी लैब, दावा दुकानों के साथ होटलों, परिवहन आदि में भी भरपूर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मैरवा में बुनियादी ढांचे के निर्माण का एक लंबा सिलसिला चलेगा। वहां भी रोजगार भारी स्तर पर सृजित होंगे।

सड़क बनेंगे बेहतर, जाम से मिलेगी मुक्ति

मैरवा वैसे तो छोटा शहर ही है परंतु यहां लगने वाला जाम एक बड़ी समस्या बन चुका है। मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने से सड़कों के बेहतरी के प्रयास होंगे। राम जानकी पथ आदि हाईवे के अस्तित्व में आ जाने से सड़कों की गुणवत्ता भी बेहतर होंगी। मैरवा में जाम से मुक्ति के प्रशासनिक प्रयास भी जमीनी स्तर पर अस्तित्व में आएंगे।

मैरवा की बनेगी विशेष पहचान

मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने से मैरवा की एक विशेष पहचान भी स्थापित हो जाएगी। इस पहचान के स्थापित होने से मैरवा के धार्मिक स्थलों पर भी ज्यादा मात्रा में धार्मिक पर्यटक आयेंगे। व्यवसायिक गतिविधियों में इजाफा होने से मैरवा के आमजन की समृद्धि की संभावनाएं बलवती होंगी। स्वास्थ्य के साथ आर्थिक लाभ प्राप्त होने से स्थानीय नागरिकों का जीवन सुखमय हो जाएगा।

कई तरह के उद्योग भी आयेंगे अस्तित्व में

मैरवा में मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने से मेडिकल के क्षेत्र में ही कई तरह के उत्पादों की मांग बढ़ जाएगी। इन मेडिकल उत्पादों के स्थानीय स्तर पर आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए कई छोटे छोटे उद्योग भी अस्तित्व में आ जाएंगे ।

उद्यमिता को मिलेगा भरपूर प्रोत्साहन

गौरतलब है कि सिवान मैरवा क्षेत्र में गल्फ कंट्री में रोजगार आर्थिक संपन्नता का आधार रहा है। परंतु गल्फ देशों में कर्मकारों के शोषण और अल्प आर्थिक लाभ के चलते अब वहां जाना बहुत फायदे मंद साबित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सिवान के युवा उद्यमिता में अपना भविष्य तलाश रहे हैं । मैरवा में मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने पर कई तरह की सुविधाओं और सेवाओं की मांग बढ़ेगी। इससे छोटे छोटे स्तर पर व्यवसाय के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा, जो आर्थिक स्तर पर बेहतरी के संदर्भ में विशेष महत्वपूर्ण होगा।

निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन

सिवान मैरवा क्षेत्र के कई लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं। कई लोग बड़े शहरों में व्यवसाय और उद्योग संचालित कर रहे हैं। मैरवा में मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आ जाने पर यहां सुविधाओं की मांग बढ़ने पर भारी मात्रा में निवेश के लिए प्रेरित होंगे। इससे मैरवा में विकासात्मक कार्यों की लंबी श्रृंखला का जनन होगा।

एक जागरूक, बौद्धिक और व्यावसायिक परिवेश का होगा निर्माण

मैरवा में मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने से कई मेडिकल क्षेत्र के प्रोफेसर और अन्य विशेषज्ञ तथा भारी मात्रा में मेडिकल प्रोफेशनल भी रहने लगेंगे। इससे मैरवा में जागरूकता और बौद्धिकता के नए दौर का श्रीगणेश होगा। साथ ही इन प्रोफेशनल के मैरवा में निवास करने से दिन प्रतिदिन इस्तेमाल किए जानेवाले वस्तुओं की मांग में जबरदस्त इजाफा भी होगा। जिससे स्थानीय किराना व्यवसाय को मजबूती मिलेगी। आधुनिक व्यवसाय के मंदिर जैसे शानदार मॉल्स वगैरह भी अस्तित्व में आएंगे।

अभी बहुत कुछ करना होगा …

वर्तमान में मैरवा की सड़कें हो या बाजार का प्रतिरूप, हर जगह बुनियादी संरचना का भारी अभाव है। मेडिकल वेस्ट के निराकरण की चुनौती भी होगी।मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने से सुविधाओं को मांग में जबरदस्त इजाफा होगा। इसके लिए प्रशासन तो प्रयत्नशील होगा ही जनता को भी विकास कार्यों में सहयोग करना होगा।

मैरवा के लिए मेडिकल कॉलेज एक शानदार सौगात है। यदि व्यवस्थाओं की बेहतरी के संदर्भ में समय रहते सार्थक प्रयास हो जाएं तो मैरवा की तस्वीर आनेवाले कुछ वर्षों में बिल्कुल अलग सी दिखेगी। तब मैरवा की तस्वीर में बेहतर आरोग्य, शाश्वत समृद्धि , शानदार व्यवसाय और भरपूर रोजगार के रंग जगमगाएंगे।

 

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