डूबते सूर्य को अ‌र्घ्य दे व्रतियों ने मांगी संतान की लंबी उम्र.

डूबते सूर्य को अ‌र्घ्य दे व्रतियों ने मांगी संतान की लंबी उम्र.

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सूर्यदेव के आराधना का महापर्व सूर्य षष्ठी (छठ) बुधवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य का अ‌र्घ्य देकर पुत्रों के लंबी उम्र की कामना की। छठ घाटों पर अ‌र्ध्य देने के लिए हजारों महिलाओं का हुजूम उमड़ा। अ‌र्घ्य देने के बाद जल में प्रवाहित किए दीपों का विहंगम दृश्य देखते ही बना।दोपहर बाद से ही नगर से लेकर ग्रामीण इलाके के श्रद्धालु सिर पर पूजा सामग्री लेकर नदी की तरफ चल पड़े। शाम होते-होते हजारों श्रद्धालु इकट्ठा हुए। छठ मईया का गीत गाता महिलाओं का समूह मनोहारी छटा बिखेर रहा था।

आलम यह था कि तट पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची। महिलाएं वेदी पूजन के बाद नदी में सामने खड़ी होकर सूर्यदेव के डूबने का इंतजार करने लगी।वहीं दाहा नदी स्थित पुलवा घाट पर ब्याहुत परिवार छठ घाट शिव मंदिर में छठी मां की पूजा अर्चना करते हुए छठ व्रती महिलाएं छठ व्रती महिला का गायत्री देवी, मीरा देवी, फुल कुमारी देवी, मधु देवी, एवं अनीता देवी इस दौरान व्रतियों द्वारा गाए जा रहे छठ गीत कांचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए., छठ मइया दीही ना आशीर्वाद.., केलवा जे फरेला घवद से ऊपर सुगा मंडराए, आदि गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था।

सभी लोग छठी मइया की आराधना कर सुखमय जीवन की कामना कर रहे थे। व्रतियों ने इस दौरान सूर्यदेव से यह मन्नतें मांगी कि हे सूर्यदेव, आप हर बार परिवार के संकट दूर किया है।इससे पूर्व शहर के पुलवा घाट, शिवव्रत घाट, पंचमंदिरा,जमसिकडी़, चकरा,सिधवल,देवापाली, गांधी मैदान समेत ग्रामीण इलाकों के महाराजगंज, बसंतपुर, लकड़ी नबीगंज, दारौंदा, भगवानपुर, आंदर, बड़हरिया, सिसवन, गोरेयाकोठी, मैरवा दरौली, रघुनाथपुर, सिसवन, गुठनी समेत अन्य घाटों पर छठ पूजा को ले श्रद्धालुओं की काफी संख्या में भीड़ उमड़ा था । इस दौरान कई छठ व्रतियों की मन्नतें पूरी होने पर बैंड बाजे भी बजा रहे थे। छठ घाटों पर बच्चों द्वारा जमकर आतिशबाजी भी कर रहे थे। इससे इस महापर्व की भव्यता और बढ़ जाती थी।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को क्यों देते हैं डूबते सूर्य को अर्घ्य?

सुबह, दोपहर और शाम तीन समय सूर्य देव विशेष रूप से प्रभावी होते हैं
सुबह के वक्त सूर्य की आराधना से सेहत बेहतर होती है
दोपहर में सूर्य की आराधना से नाम और यश बढ़ता है
शाम के समय सूर्य की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है
शाम के समय सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं
इसलिए प्रत्यूषा को अर्घ्य देना तुरंत लाभ देता है
जो डूबते सूर्य की उपासना करते हैं, वो उगते सूर्य की उपासना भी जरूर करते है।

आभार-आर्यन सिंह राजपूत.

Leave a Reply

error: Content is protected !!