पीएम मोदी ने बिम्सटेक देशों को UPI से जोड़ने का प्रस्ताव दिया

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श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पांच दक्षिण एशियाई देशों और दो दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों का संगठन बिम्सेटक (BIMSTEC) के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, आर्थिक और डिजिटल संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने 21 सूत्री फार्मूला का सुझाव दिया है।
यह सुझाव उन्होंने बिम्सटेक की बैंकॉक शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार दिया। इसमें भारत की तरफ से बिम्सटेक के सभी देशों की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को भारत की UPI से जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल है।

वाणिज्यिक चैंबर स्थापित करने का पीएम ने रखा प्रस्ताव

बिम्सटेक देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी ने वाणिज्यिक चैंबर स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है। भारत बिम्सटेक को सार्क संगठन के विकल्प के तौर पर स्थापित करने की मंशा रखता है। बांग्लादेश बिम्सटेक का नया अध्यक्ष बना है। भारत और बांग्लादेश के अलावा भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड इसके अन्य सदस्य हैं। इन देशों ने बिम्सेटक 2030 का दृष्टिपत्र तैयार किया है जो इनके बीच संबंधों को दिशा देने का काम करेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण एशिया और पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक सेतु है, यह क्षेत्रीय संपर्क, सहयोग और समृद्धि की नई राहें खोलने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है। बिम्सटेक को और सशक्त बनाने के लिए हमें इसके कार्यक्षेत्र और क्षमता का निरंतर विस्तार करते रहना होगा।

साइबर अपराध, आतंकवाद और मानवतस्करी को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

सदस्य देशों के गृह मंत्रियों के बीच विमर्श का एक ढांचा तैयार करने पर खुशी व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने सदस्यों के बीच साइबर अपराध, आतंकवाद और मानवतस्करी के खिलाफ यह फोरम अहम भूमिका निभा सकता है। इसकी पहली बैठक भारत में कराने का प्रस्ताव है। बिम्सटेक के देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की राह निकालने के लिए बंगलुरू में एक ऊर्जा केंद्र स्थापित किया गया है। इसके तहत पीएम मोदी ने सुझाव दिया है कि सदस्य देशों के ग्रिड को आपस में जोड़ने का काम तेज हो। 

“व्यापार और व्यवसायिक कनेक्टिविटी भी हमारी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लिए मैं बिम्सेटक चैंबर ऑफ कॉमर्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखता हूं। साथ ही, हर साल सदस्य देशों के बीच एक कारोबार सम्मेलन भी आयोजित की जाएगी। मेरा सुझाव है कि बिम्सटेक क्षेत्र में स्थानीय मुद्रा में व्यापार की संभावनाओं पर एक संभाव्यता अध्ययन भी की जानी चाहिए।” नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

पीएम मोदी ने हिंद महासागर को खुला, सुरक्षित व सभी के लिए समान अवसर वाला बनाने को प्राथमिकता के तौर पर चिन्हित किया। सनद रहे कि शुक्रवार को सदस्य देशों के बीच समुद्री यातायात सुरक्षा को लेकर एक समझौता हुआ है। इससे सदस्य देशों के बीच आवागमन व कारोबार में काफी सहूलियत मिलेगी।

बिम्सटेक देशों में भारत का दबदबा बरकरार है। थाईलैंड में हो रहे छठवें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों को यूपीआई से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में व्यापार, कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्थापना करने, वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने और क्षेत्र में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की संभावनाएं तलाशने का भी प्रस्ताव रखा।

संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने सबसे पहले 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में आए विनाशकारी भूकंप में हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए भारत में बिम्सटेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। ताकि आपदा तैयारी, राहत और पुनर्वास पर सहयोग किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाले पुल का कार्य करता है। यह क्षेत्रीय संपर्क, सहयोग और समृद्धि के नए रास्ते खोलने के लिए प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है। पीएम मोदी ने बिम्सटेक समूह के दायरे और क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने गृह मंत्रियों के तंत्र को संस्थागत बनाने की पहल की सराहना की। साथ ही भारत में पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा कि यह मंच साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा खतरों, आतंकवाद और नशीली दवाओं और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मैं इस वर्ष इसकी पहली बैठक भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें बिम्सटेक देशों के साथ डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) स्थापित करने में भारत के अनुभव को साझा करने में खुशी होगी।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) को बिम्सटेक क्षेत्र की भुगतान प्रणालियों के साथ जोड़ने का प्रस्ताव करता हूं। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को सभी स्तरों पर लाभ होगा। पीएम मोदी ने कहा कि मैं बिम्सटेक क्षेत्र में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन कराने का भी सुझाव देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित और संरक्षित हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है। आज हुए समुद्री परिवहन समझौते से व्यापारिक नौवहन और माल परिवहन में सहयोग मजबूत होगा। साथ ही व्यापार में तेजी आएगी। पीएम मोदी ने भारत में एक सतत समुद्री परिवहन केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा,  कि यह केंद्र समुद्री नीतियों में क्षमता निर्माण, अनुसंधान, नवाचार और समन्वय पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह समुद्री सुरक्षा में सहयोग को भी बढ़ावा देगा।

थाईलैंड में हो रहे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और भूटान के नेता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समृद्धि, सुरक्षा और समावेशिता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए बैंकॉक विजन 2030 को अपनाया गया है।

बिम्सटेक में भारत का दबदबा
बिम्सटेक देशों में भारत का दबदबा कायम है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समूह को पीएम मोदी की नीतियों और सोच ने बड़ा आकार दिया है। बिम्सटेक समूह अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भारत के नेतृत्व पर निर्भर है। भारत के नेतृत्व में प्रधानमंत्री का पड़ोस पहले नीति, एक्ट ईस्ट नीति, महासागर विजन और इंडो-पैसिफिक के लिए विजन पर ध्यान समूह को गतिशीलता प्रदान करता है। भारत ने बहुपक्षीय कार्य का व्यापक अनुभव रखने वाले राजनयिक इंद्र मणि पांडे को महासचिव नियुक्त किया है। भारत ने बिम्सटेक सचिवालय को एक मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए हैं।

इसके अलावा भारत के नेतृत्व में बिम्सटेक का एजेंडा कई गुना फैला है। बिम्सटेक कार्य क्षेत्र को सात भागों में बांटा गया है। इसमें प्रत्येक देश एक भाग का नेतृत्व करता है – भारत सुरक्षा क्षेत्र का नेतृत्व करता है। अन्य खंड व्यापार, निवेश और विकास (बांग्लादेश), पर्यावरण और जलवायु (भूटान), कृषि और खाद्य सुरक्षा (म्यांमार), लोगों से लोगों का संपर्क (नेपाल), अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी और नवाचार (श्रीलंका), और कनेक्टिविटी (थाईलैंड) पर है।

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