मुगलसराय सतपोखरी गांव में प्रधानमंत्री का 71 वां जन्मदिन मनाया गया

मुगलसराय सतपोखरी गांव में प्रधानमंत्री का 71 वां जन्मदिन मनाया गया

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

@मुस्लिम महिलाएं व बेटियाें के लिए अभिभावक हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – जरीना अंसारी

श्रीनारद मीडिया / सुनील मिश्रा वाराणसी यूपी

मुगलसराय दुलहीपूर / सतपोखरी दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत की मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी कल तक धर्म के ठेकेदारों के रहमों करम पर आश्रित थी। तीन तलाक की बेड़ियों से जकड़ी हुयीं और हलाला के अपमान की आग में जलती हुयीं मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी बदतर हो चुकी थी। शौहर के घर से कभी भी बेदखल कर दिये जाने के खौफ से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी अनिश्चित थी। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने मज़बूती से खड़े होकर मुस्लिम महिलाओं को उनका हक़ दिलाया, जिससे आज भारत की मुस्लिम महिलाएं पूरे विश्व में सबसे अधिक ताकतवर हैं।

 

जरीना अंसारी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मुस्लिम महिला अधिकार दिवस देने के लिये शुक्रिया कहेंगी और दुनियां भर की मुस्लिम महिलाओं की अपेक्षा भारत की मुस्लिम महिलाओं को ताकतर बनाने के लिये धन्यवाद कहेंगी। जरीन अंसारी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी मुस्लिम बेटियों के लिये अभिभावक हैं, जो उनके घर बसाने की चिन्ता करते हैं, तोड़ने की नहीं। मोदी जैसा न कोई हुआ है, न होगा। मुस्लिम महिलाओं के लिये मोदी उद्धारक हैं।

 

जरीना ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों की बेड़ियों में जकड़कर गुलाम बनाने वाली मुस्लिम कट्टरपंथी सोच को मुस्लिम महिलाओं ने खुद ही नकार दिया है। हिन्दुस्तान की सभी वर्ग की महिलायें मुस्लिम बेटियों की आजादी के साथ खड़ी हैं। तीन तलाक और हलाला जैसे अपराधों के लिये मुस्लिम कट्टरपंथियों को कभी क्षमा नहीं किया जा सकता। नरेन्द्र मोदी ने पीड़ा और अपमान से मुस्लिम महिलाओं को आजादी दिलाया, सम्मान दिलाया, इसे कोई भी मुस्लिम महिला कभी नहीं भूल सकती।

 

उन्होंने कहा कि एक तरफ सभी दल तीन तलाक के खिलाफ कानून का विरोध कर रहे थे और दूसरी तरफ मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा के साथ नरेन्द्र मोदी अकेले खड़े थे। तीन तलाक के खिलाफ कानून बना, मुस्लिम महिलाओं को जीवन जीने का हक मिला। हलाला के नाम पर आये दिन मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रही घृणित यौन हिंसा से आजादी मिली और धर्म के नाम पर महिलाओं की जिन्दगी से खेलने वाले मुल्लों को कानून का खौफ दिखायी दिया। इस एहसान को मुस्लिम महिलायें कभी नहीं भूलीं।

Leave a Reply

error: Content is protected !!