बिहार में भीषण गर्मी के कारण 8 जून तक स्कूल बंद

बिहार में भीषण गर्मी के कारण 8 जून तक स्कूल बंद

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार में भीषण गर्मी और भयंकर लू की चपेट से आपदा की स्थिति बन रही है. बुधवार को राज्य के विभिन्न जिलों में 50 से अधिक बच्चों के बीमार के बाद सीएम नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा को स्कूल बंद करने का निर्देश दिया है. सीएम ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि आवश्यकतानुसार वर्तमान स्थिति को देखते हुये स्कूलों को बंद करने के संबंध में समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें. इससे स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित नहीं हो. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि वे क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक आयोजित कर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें.

आठ जून तक बंद रहेंगे स्कूल

सीएम नीतीश कुमार के निर्देश के बाद मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव के साथ ही सभी जिलाधिकारियों को अलग-अलग पत्र लिखकर 30 मई से आठ जून तक सरकारी और निजी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में शिक्षण कार्य बंद करने का निर्देश दिया है.

मुख्य सचिव ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से अप्रत्याशित भीषण गर्मी के साथ लू के प्रकोप में बिहार राज्य के अधिकांश जिले हैं. इसमें गया, औरंगाबाद, कैमूर में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. यही स्थिति कमोबेश अन्य सभी जिलों की भी है. इस संबंध में 29 मई को आपदा प्रबंधन समूह (सीएमजी) की बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि ऐसी स्थिति आठ जून, 2024 तक बने रहने की संभावना है.

गर्मी की वजह से लिया गया फैसला

अतः सभी सरकारी और कोचिंग संस्थान सहित सभी निजी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 मई से आठ जून, 2024 तक शिक्षण कार्य बंद रखने का निर्णय लिया गया है. इसका मकसद भीषण गर्मी के प्रकोप से बच्चों को बचाना है. इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग के गाइडलाइन और विभिन्न विभागों के द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों को 30 मई से 8 जून तक बंद करने का आदेश मुख्य सचिव दिया और आपदा प्रबंधन समूह की बैठकर बचाव के अन्य उपाय सुनिश्चित करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री के आदेश मिलते ही मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समूह की बैठक हुई। इसमें लिये गए निर्णय के आलोक में मुख्य सचिव की ओर से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव समेत सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों को सभी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र एवं कोचिंग संस्थान को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश जारी किया गया, ताकि, भीषण गर्मी के प्रकोप से बच्चों को बचाया जा सके।

इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भीषण गर्मी और भयंकर लू की आपदाजनक स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव को स्कूलों को बंद करने हेतु समूचित कार्रवाई करने का आदेश दिया।

उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यकतानुसार वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद करने के संबंध में समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित न हो। आपदा प्रबंधन समूह (क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप) की बैठक आयोजित कर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भीषण गर्मी व लू से बचाव संबंधी अन्य आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित करें।

सभी जिलों में गर्मी एवं लू से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा की अध्यक्षता में आयोजित आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में सभी जिलों में भीषण गर्मी व लू से बचाव करने के उपाय सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के आला अफसरों के साथ-साथ प्रमंडलीय आयुक्तों व जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्देश किया।

इसमें कहा गया कि बीते कुछ दिनों से अप्रत्याशित भीषण गर्मी के साथ लू (हीट वेव) के प्रकोप में राज्य के अधिकांश जिले हैं। गया, औरंगाबाद, कैमूर में तापमान 46 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। यही स्थिति कमोवेश अन्य सभी जिलों की भी है। आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि द्वारा यह अनुमान बताया गया है कि ऐसी स्थिति 8 जून तक बने रहने की संभावना है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय (कोचिंग संस्थान सहित) एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में 30 मई से 8 जून तक शिक्षण कार्य बंद किए जाए ताकि भीषण गर्मी के प्रकोप से बच्चों को बचाया जा सके।

वहीं, मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अलग से दिए गए निर्देश में कहा गया कि भीषण गर्मी एवं लू से बचाव के लिए तत्काल ठोस उपाय सुनिश्चित करने की अविलंब कार्रवाई करें।

बता दें कि मुख्य सचिव के आदेश जारी होने से पहले माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव की ओर से निर्देश जारी किया गया कि भीषण गर्मी व लू के मद्देनजर राज्य में पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यालय सुबह छह से पूर्वाह्न दस बजे तक संचालित होंगे। इसके बाद बच्चों के बीच मध्याह्न भोजन बंटेगा। साथ ही, मिशन दक्ष एवं विशेष कक्षाएं पूर्व की भांति आयोजित होती रहेंगी।

Leave a Reply

error: Content is protected !!