सिसोदिया 7 दिन तक ED की हिरासत में रहेंगे,क्यों?

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दूसरों के मोबाइल से सिसोदिया करते थे बात-ED

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली आबकारी नीति (2021-22) घोटाला मामले में सीबीआई केस में वो तिहाड़ जेल में बंद हैं। वहीं, आबकारी नीति में ईडी भी उनसे पूछताछ कर रही है। ईडी ने सिसोदिया को 10 मार्च (शुक्रवार) को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 17 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने कोर्ट से सिसोदिया की 10 दिन की हिरासत मांगी थी।

ईडी ने सीबीआई पर लगाए ये आरोप

ईडी ने मनीष सिसोदिया पर आबकारी नीति मामले में कई आरोप लगाए हैं। ईडी ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया ने दूसरे लोगों के नाम से सिम कार्ड और मोबाइल फोन खरीदे थे। सिसोदिया ने कुछ निजी कंपनियों को थोक व्यापार देने की साजिश के तहत नीति को लागू किया था।

निजी संस्थाओं को थोक लाभ मार्जिन का 12% तय किया गया था। षडयंत्र का समन्वय साउथ ग्रुप के साथ विजय नायर और अन्य ने किया था। दक्षिण ग्रुप के सदस्यों को आगे 9 क्षेत्रों का नियंत्रण दिया गया। इसकी मीटिंग मनीष सिसोदिया के घर पर हुई थीं। ईडी ने इंडोस्पिरिट्स कंपनी को एल1 लाइसेंस सुनिश्चित करने में सिसोदिया की भूमिका को बताया है।

जांच एजेंसी ने अदालत को विजय नायर और के कविता (बीआरएस एमएलसी) के बीच मुलाकात के बारे में अवगत कराया। ईडी ने कहा कि आरोपी बुचिबाबू गोरंटला ने तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और के कविता के बीच राजनीतिक समझ का खुलासा किया, जिन्होंने विजय नायर से भी मुलाकात की थी। बुचिबाबू के कविता के पूर्व ऑडिटर हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।

सिसोदिया के वकील की दलीलों का जवाब देते हुए, ईडी के वकील ने अदालत से कहा कि अगर नीति कार्यपालिका का मामला है तो कोयला घोटाला या 2जी घोटाला नहीं होगा।

सीबीआई के बाद आबकारी नीति मामले में ईडी की एंट्री

सीबीआई रिमांड के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया को 6 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिहाड़ जेल में सिसोदिया ने 7 मार्च को पूछताछ की थी। इसके बाद 9 मार्च को पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दूसरे दिन 10 मार्च यानी शुक्रवार को ईडी ने सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां ईडी ने कोर्ट से सिसोदिया की 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सात दिन यानी 17 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

CBI का मामला, 26 फरवरी को हुए थे गिरफ्तार

बता दें कि 26 फरवरी को सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति (2021-22) घोटाला मामले में सिसोदिया को आठ घंटे तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 27 फरवरी को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कि गया। जहां से उन्हें चार मार्च तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया। चार को कोर्ट ने फिर से उनकी दो दिन हिरासत बढ़ा दी। सिसोदिया सोमवार (6 मार्च) तक सीबीआई हिरासत में रहे। इसके बाद उन्हें सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट से तिहाड़ जेल नंबर-1 लाया गया।

सिसोदिया ने राउज एवेन्यू कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। वहीं, कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस पर सुनवाई 21 मार्च को होगी।

प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को अदालत से कहा कि दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने घोटाले को लेकर बातचीत करने के लिए खुद का मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने राउज एवेन्यू कोर्ट में कहा कि सिसोदिया ने सिम कार्ड और मोबाइल फोन अन्य लोगों के नाम पर खरीदे थे। बता दें कि मनीष सिसोदिया को गुरुवार को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद ईडी ने सिसोदिया कि 10 दिन की रिमांड मांगी है। सिसोदिया की रिमांड को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई चाल रही है।

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