रामावतार उच्च विद्यालय के प्रांगण में विद्यालय के संस्थापक राम अवतार बाबू की प्रतिमा का हुआ अनावरण

 

रामावतार उच्च विद्यालय के प्रांगण में विद्यालय के संस्थापक राम अवतार बाबू की प्रतिमा का हुआ अनावरण

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# राम अवतार बाबू  ने अपने घर के नजदीक जमीन खरीद कर विद्यालय की नींव रखी : सीईओ

श्रीनारद मीडिया‚ मनोज तिवारी‚ छपरा (बिहार):


सारण जिला के दिघवारा प्रखंड के गोराईपुर स्थित रामावतार उच्च विद्यालय के प्रांगन मे लगे राम अवतार सिंह की मूर्ति का अनावरण विद्यालय के संस्थापक यदुनंदन सिंह के ज्येष्ठ सुपुत्र व राम अवतार बाबू के पौत्र शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने फीता काटकर किया।

इस मौके पर यदुनंदन बाबू के द्वितीय सुपुत्र दिल्ली AIIMS के प्रोफेसर व सफदरजंग हॉस्पिटल नई दिल्ली के पूर्व निदेशक अवधेश कुमार सिंह,शत्रुघ्न बाबू के सुपुत्र शान्तनु सिंह पौत्र राजवीर सिंह सोनपुर के पूर्व विधायक विनय कुमार सिंह संयुक्त रूप से उपस्थित थे।

उद्घाटन समारोह मे बोलते हुए शत्रुघ्न बाबू ने कहा कि मेरा दिवंगत पिता जी का जीवन सामाजिक, राजनैतिक व आध्यात्मिकता से गहराई से जुडा रहा लेकिन जिस तरह का योगदान उन्होंने शिक्षा के उत्थान में दिया वो सदियो तक यादगार रहेगा और हमारे सारण का भविष्य गढने मे मील का पत्थर साबित होगा।

 

उन्होने बताया कि उनका जन्म 1 जनवरी 1900 ई. को हुई । पिताजी को सात वर्ष के उम्र मे ही अपने गाॅव गोराईपुर के जननी भूमि व परिवेश का त्याग कर शिक्षा ग्रहण करने मेरे दादाजी रामअवतार बाबू के साॅथ 1907 ई. कोलकत्ता जाना पड़ा।

यहाॅ से वे फोर्ट विलियम काॅलेज से F.A. की पढाई पूरी कर कोलकत्ता मे सामाजिक और राजनैतिक जीवन की शुरूआत की और कई जन कल्याणकारी कार्यो मे योगदान दिया।

आजादी के बाद इनको उपलब्धियो से खुश होकर पश्चिम बंगाल सरकार ने फस्ट क्लास सर्टिफिकेट प्रदान किया।इसके बाद वे अपने जन्म स्थल दिघवारा के गोराईपुर आए और यहाॅ से कई जनकल्याणकारी कार्यो का संचालन किया।और अपने जीवन के अन्तिम श्वांस 25 मार्च 1975 तक समाज के उत्थान व शिक्षा के विकास मे समस्त शक्ति लगा दी।

उन्होने कहा कि मेरा पिता जी को गाॅव में पढ़ाई  का माहौल न होने की बात सदैव खलती रहती थी जिनके परिणाम स्वरूप उन्हे अपना  गांव छोड़ना पड़ा  था। इसी कष्ट से उबारने के लिए अपने पैतृक प्रखंड दिघवारा व आस पास के प्रखंड के बच्चों को शिक्षा के लिए पलायन करने से बॅचाने के लिए माध्यमिक से लेकर उच्च माध्यमिक व महाविद्यालय की स्थापना की और सबको शिक्षा सबके विकास के सपने सकार करने के लिए गाव के माटी पर शिक्षा की अलख जगाकर जन-जन को आनंदित किया।

इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन,पशु चिकित्सालय, रेफरल अस्पताल आदि की स्थापना की।


अपने दिवंगत पिताजी के नाम से यदुनंदन बाबू ने अपने पैतृक मकान के सटे 100 मीटर पश्चिम रामावतार उच्च विद्यालय की स्थापना जमीन खरीद कर की।उसमे वे फिजिक्स व केमेस्ट्री प्रैक्टिकल लेबोरेटरी सहीत अलग अलग वर्ग कक्ष का निर्माण कराया जिसे बाद मे सरकार से मान्यता मिल गई।

1956 मे इन्होने मे दस हजार रूपया दान देकर भगवानपुर मे सर्वोदय विद्यालय की स्थापना कराई।इन्होने प्रखंड मुख्यालय के सटे यदुनंदन सिंह महा विद्यालय की स्थापना की जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चो के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।इस महाविद्यालय को 1980 ईस्वी मे बिहार सरकार ने विहार विश्वविद्यालय मे अंगिभूत करते हुए जय प्रकाश विश्वविद्यालय के अधीन कर दिया।इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने जवार के यात्रियो को बडागोपाल व दिघवारा स्टेशन जाने से निजात दिलाकर जमीन दान देकर छपरा सोनपुर रेलखंड पर 1955 ई. मे अवतार नगर रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया।इसके अतिरिक्त अपने गाॅव मे पुण्या देवी रेफरल अस्पताल का निर्माण 1958 ई. व पशु चिकित्सालय गोराईपुर की स्थापना की।इस तरह से यदुनंदन बाबू ने अपने दूर्दर्शीता,दान व त्याग के कारण सारण विभूति के रूप मे सुविख्यात है।सारण की धरती पर अवतरित होने वाले विभूतियो मे इनका नाम सदैव स्वर्ण अक्षरो मे दर्ज रहेगा।।और युगो युगो तक पश्चिम बंगाल से बिहार तक मे अपने सामाजिक योगदानो के लिए अनावरत याद किये जायेंगे।उदघाटन समारोह को संवोधि करते हुए सोनपुर के पूर्व विधायक ने कहा की इस महान विभूति के मूर्ति का अनावरण बहूत पहले हो जाना चाहिए लेकिन विद्यालय के वर्मान शिक्षको का सौभाग्य है की इनके रिजिन मे उद्घाटन हो रहा है।

 

रामावतार बाबू के प्रपौत्र इंजीनियर शान्तनु सिह जो 20 साल तक विश्व के सबसे बड़े बैंक  बैंक आफ अमेरिका और IBM में प्रोजेक्ट मैनेजर रहे और वर्तमान में वे कन्सल्टिंग फर्म मे CEO है ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कई घोषणा की ।

जिसमे सबसे प्रमुख घोषणा विद्यालय मे सरकारी नाईट गार्ड बहाली तक अपने नीजी कोष से नाईट गार्ड का पेमेन्ट भुगतान करते रहेंगे।वही जय प्रकाश विश्वविद्यालय के इंजीनियर प्रमोद सिंह ने कहा कि यदुनंदन बाबू ने रामावतार उच्च विद्यालय की 1952 मे स्थापना कर के यह संदेश दिये है की उस समय वे शिक्षा के प्रति कितने जागरूक थे।

इस पावन अवसर पर उपस्थित गणमान्य सदस्यों मे माध्यमिक शिक्षक संघ सचिव राजाजी राजेश ,जय प्रकाश युनिवर्सिटी के चीफ इंजीनियर प्रमोद कुमार सिंह, दिघवारा प्रखंड प्रमुख सरिता देवी के प्रतिनिधि पूर्व मुखिया राकेश सिंह,रामावतार उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शिवेश्वरी त्रिपाठी,ए आर पी एस ओपेन माईन्ड एकेडमी मुसेपुर के संचाल संतोष कुमार सिंह,गोराईपुर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक तेज प्रताप सिंह,मुन्ना सिंह,मनोज पाण्डेय,उमा शंकर सिंह,सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओ के अतिरिक्त बोधाछपरा,गोराईपुर,पकवलिया,आमी आदि गाॅवो के गणमान्य सदस्य व शिक्षाप्रेमी उपस्थित थे।

 

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