नगर निकाय चुनाव को लेकर हाई कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण : जदयू प्रदेश महासचिव मुर्तुजा अली कैसर

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श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार)

बिहार प्रदेश जदयू के प्रदेश महासचिव सह सिवान के पूर्व जिलाध्यक्ष मुर्तुजा अली कैसर ने प्रेस वार्ता कर कहा कि माननीय उच्च न्यायालय पटना के द्वारा नगर निकाय चुनाव में अतिपिछड़ा वर्ग का आरक्षण समाप्त करने का फैसला काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।

पूरे भारत में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य हैं , जहां नगर निकाय एवं पंचायती राज व्यवस्था में वर्ष 2006-07 में दलित-अतिपिछड़ा,महिलाओं को आरक्षण दिया गया है और उसी आरक्षण पर कई चुनाव हो चुके हैं।

 

उन्होंने कहा की बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के मन में समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों के लिए काफी संवेदना हैं और विगत 17 वर्षों से बिहार में समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए उन्होंने काफी काम किया है।

 

बिहार के शोषित-वंचित,दलित-अतिपिछड़ा के आरक्षण को वह किसी कीमत पर खत्म नहीं होने देंगे।आरएसएस प्रमुख आदरणीय मोहन भागवत जी के द्वारा कुछ वर्ष पहले आरक्षण खत्म करने संबंधी बयान आज के परिवेश में यह प्रमाणित करता है कि भाजपा साजिश के तहत आरक्षण खत्म कराना चाहती हैं।भाजपा की साजिश का पोल खोलने का काम आगामी 13 अक्टूबर को महाधरना के माध्यम से बिहार के प्रत्येक जिला मुख्यालय में किया जायेगा।

माननीय उच्च न्यायालय के फैसले से भाजपाई खेमे में काफी खुशी देखी जा रही हैं जिसे बिहार के दलित-अतिपिछड़ा समाज महसूस कर रहा है।बिहार सरकार बगैर आरक्षण के चुनाव नहीं करायेगी जिसके लिए बिहार सरकार सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगी।

इस मौके पर जदयू महादलित प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव नंदलाल राम और युवा जदयू के जिला मीडिया प्रभारी सुशील गुप्ता उपस्थित रहे।

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