*बनारस की रौनक 5 महीने बाद लौटी, दशाश्‍वमेध घाट पर शुरू हुई गंगा जी की भव्‍य आरती*

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*श्रीनारद मीडिया सुनील मिश्रा वाराणसी यूपी*

*वाराणसी* / कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बीते पांच महीने से सांकेति‍क रूप से हो रही काशी की गंगा आरती शनि‍वार से दोबारा अपने पुराने रौ में दि‍खी। काशी की वैश्‍वि‍क पहचान बन चुकी मां गंगा की भव्‍य आरती तकरीबन पांच महीने बाद शनि‍वार से एक बार फि‍र सात अर्चकों के साथ शुरू हुई। आज पहले दि‍न रि‍द्धि‍ सि‍द्धि‍ के रूप में 14 कन्‍याएं भी गंगा आरती में मौजूद रहीं। बता दें कि‍ कोरोना की दूसरी लहर के आते ही काशी के कई धार्मिक अनुष्ठानों को सांकेतिक रूप में किया जाने लगा था। उन्ही में से एक थी विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुकी काशी की प्राचीन दैनिक संध्या गंगा आरती। गंगा सेवा निधि के तत्वाधान में होने वाली रोज़ाना 7 अर्चकों की यह आरती सिर्फ एक अर्चक द्वारा ही की जा रही थी। गंगा सेवा नि‍धि‍ के अध्‍यक्ष सुशांत मि‍श्रा ने बताया कि‍ बीते पांच महीने से दशाश्‍वमेध घाट पर कोवि‍ड प्रोटोकॉल के तहत केवल एक अर्चक के द्वारा सांकेति‍क गंगा आरती की जा रही थी। अब प्रशासन की गाइडलाइन्‍स के अनुसार हमने दोबारा सात अर्चकों की आरती शुरू की है। उन्‍होंने बताया कि‍ आज से दैनिक संध्या आरती अपने भव्य स्वरुप में शुरू हो गयी है। सुशांत मि‍श्रा ने बताया कि‍ आज पहले दि‍न सात अर्चक और रि‍द्धि‍ सि‍द्धि‍ के रूप में 14 कन्‍याएं गंगा आरती में शामि‍ल रहीं। उन्‍होंने बताया कि‍ यहां हजारों की संख्‍या में आने वाले श्रद्धालुाओं में गंगा सेवा नि‍धि‍ की ओर से आज 2000 मास्‍क का भी वि‍तरण कि‍या गया है। साथ ही हम बार बार लोगों से माइक के जरि‍ये ये अनुरोध भी कर रहे हैं कि‍ कोवि‍ड गाइडलाइन्‍स का पालन करें और सोशल डि‍स्‍टेंसिंग बनाये रखें।
वहीं दुर्गाचरण दास इंटर कॉलेज सोनारपुरा की प्राधानाचार्या डॉ पद्मजा शर्मा ने बताया कि‍ वि‍गत 28 साल से यहां आरती हो रही है। हमारा वि‍द्यालय इसमें हमेशा प्रति‍भाग करता रहा है। उन्‍होंने बताया कि‍ वि‍गत पांच महीने से यहां सांकेति‍क आरती हो रही थी, जि‍ससे काशी वासि‍यों में एक तरह की मायूसी थी, जो आज से दूर हो गयी है। ऐसा लग रहा है मानो काशी आज से अपने पुराने रौ में लौट चुकी है। ये पल हमें गौरव और आनंदि‍त करने वाला है।

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