नवीन राष्ट्रीय अभ्युदय के शक्ति स्रोत का हुआ प्राण प्रतिष्ठा.

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श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

अयोध्या आते ही मणिराम दास छावनी के प्रमुख और राम मंदिर आंदोलन के महा सेनापति पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी से मिला. वे पहचान गये. रामभद्राचार्य जी, पूज्य जयदेव राम जी, सालासर बालाजी के सिद्धेश्वर महाराज, सर्व कार्य प्रमुख चंपत राय और राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख संत पूज्य गोविंद गिरि जी महाराज से भी भेंट हुई. स्वामी गोविंद गिरि ने ठीक कहा-

इस जन्मभूमि को लेने में हिंदुओं को पांच सौ साल इसलिए लगे क्योंकि हिंदू के मानस में राष्ट्र तथा धर्म का समन्वय नहीं था. शिवाजी के विरूद्ध औरंगजेब के लिए शिव भक्त मिर्जा राजा जय सिंह लड़े, शिवाजी के तेरह सगे-संबंधी उनके विरुद्ध मुगल सेना में थे. गत सौ वर्षों में पहली बार विवेकानंद तथा डॉ हेडगेवार ने देश के साथ धर्म का चैतन्य जागृत किया, तो राम मंदिर बना. अयोध्या का हर कोना सज गया है. हर कोने चौराहे पर मुफ्त चाय-भोजन के लंगर चल रहे हैं.

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