कांग्रेस के इतिहास में अब तक 63 बार ऐसे मौके आए, जब नेताओं ने अलग होकर नई पार्टी बना ली।

कांग्रेस के इतिहास में अब तक 63 बार ऐसे मौके आए, जब नेताओं ने अलग होकर नई पार्टी बना ली।

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पंजाब में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एलान कर दिया है कि वे अब कांग्रेस में नहीं रहेंगे। अमरिंदर के अलावा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के सुर भी बगावती हो गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कैप्टन अमरिंदर खुद की नई पार्टी बना सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो ये 64वीं बार होगा, जब कांग्रेस से अलग होकर कोई नई पार्टी खड़ी होगी।

1885 से अब तक कांग्रेस ने 63 ऐसे बड़े मौके देखे, जब कांग्रेस छोड़ने के बाद नेताओं ने अपनी नई पार्टी बना ली।

1969 में तो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इंदिरा गांधी को ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। तब इंदिरा ने अलग कांग्रेस बना ली थी।

1923 : चितरंजन दास ने कांग्रेस छोड़कर स्वराज पार्टी की स्थापना की थी। होम लाइब्रेरी की पुस्तक ‘ग्रेट मेन ऑफ इंडिया’ में इसका उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि चितरंजन दास काउंसिल में शामिल होकर ब्रिटिश सरकार की नीतियों का नए तरह से विरोध करना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस अधिवेशन में उनका ये प्रस्ताव पास नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने स्वराज पार्टी बना ली। 1924 में दिल्ली में कांग्रेस के अतिरिक्त अधिवेशन में उनका ये प्रस्ताव पास हो गया।

1925 में स्वराज पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया।

1939 : महात्मा गांधी से अनबन होने पर सुभाष चंद्र बोस और शार्दुल सिंह ने ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक नाम से अलग पार्टी खड़ी कर ली। पश्चिम बंगाल में अभी भी ये पार्टी अस्तित्व में है। हालांकि, इसका जनाधार काफी कम हो चुका है।
आजादी के बाद सबसे ज्यादा बिखरी पार्टी.

आजादी के बाद कांग्रेस में सबसे ज्यादा फूट पड़ी। तब से 2016 तक कांग्रेस छोड़ने वाले नेता 61 नई राजनीतिक पार्टी शुरू कर चुके हैं।
आजादी के बाद कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं ने 1951 में तीन नई पार्टी खड़ी की। इसमें जीवटराम कृपलानी ने किसान मजदूर प्रजा पार्टी, तंगुतूरी प्रकाशम और एनजी रंगा ने हैदराबाद स्टेट प्रजा पार्टी और नरसिंह भाई ने सौराष्ट्र खेदूत संघ नाम से अलग राजनीतक दल शुरू की। इसमें हैदराबाद स्टेट प्रजा पार्टी का विलय किसान मजदूर प्रजा पार्टी में हो गया। बाद में किसान मजदूर प्रजा पार्टी का विलय प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और सौराष्ट्र खेदूर संघ का विलय स्वतंत्र पार्टी में हो गया।
1956-1970 तक कांग्रेस से निकले नेताओं ने 12 नए दल बनाए

कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सी. राजगोपालाचारी ने 1956 में पार्टी छोड़ दी। बताया जाता है कि तमिलनाडु में कांग्रेस नेतृत्व से विवाद होने के बाद उन्होंने अलग होने का फैसला लिया था। रोजगोपालाचारी ने पार्टी छोड़ने के बाद इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक्स कांग्रेस पार्टी की स्थापना की। ये पार्टी मद्रास तक ही सीमित रही। हालांकि, बाद में राजगोपालाचारी ने एनसी रंगा के साथ 1959 में स्वतंत्र पार्टी की स्थापना कर ली और इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक्स पार्टी का इसमें विलय कर दिया।

स्वतंत्र पार्टी का फोकस बिहार, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा और मद्रास में ज्यादा था। 1974 में स्वतंत्र पार्टी का विलय भी भारतीय क्रांति दल में हो गया था। इसके अलावा 1964 में केएम जॉर्ज ने केरल कांग्रेस नाम से नई पार्टी का गठन कर दिया। हालांकि, बाद में इस पार्टी से निकले नेताओं ने अपनी सात अलग-अलग पार्टी खड़ी कर ली। 1966 में कांग्रेस छोड़ने वाले हरेकृष्णा मेहताब ने ओडिशा जन कांग्रेस की स्थापना की। बाद में इसका विलय जनता पार्टी में हो गया।
1968 तक और कौन-कौन सी पार्टी बनी?

साल  कौन सी पार्टी बनी बाद में क्या हुआ
1967  बांग्ला कांग्रेस कांग्रेस में विलय
1967 विशाल हरियाणा पार्टी कांग्रेस में विलय
1967 भारतीय क्रांति दल लोक दल में विलय
1968 मणिपुर पीपल्स पार्टी अभी भी अस्तित्व में है
1969 और 1978 में इंदिरा को ही पार्टी से निकाल दिया गया

ये बात 12 नवंबर 1969 की है। तब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ही पार्टी से निकाल दिया। उन पर अनुशासन भंग करने का आरोप लगा था। इसके जवाब में इंदिरा गांधी ने नई कांग्रेस खड़ी कर दी। इसे कांग्रेस आर नाम दिया। बताया जाता है कि जिन नेताओं ने इंदिरा को पार्टी से निकाला था, उन्हीं ने 1966 में उन्हें प्रधानमंत्री बनाया था। तब इंदिरा गांधी के पास अनुभव और संगठन की समझ कम थी। हालांकि, सरकार चलाने के साथ ही वह एक मजबूत राजनीतिज्ञ के रूप में उभरीं। 1967 में उन्होंने अकेले के दम पर चुनाव लड़ा और मजबूती से जीत हासिल की।

इंदिरा से विवाद के चलते ही के. कामराज और मोरारजी देसाई ने इंडियन नेशनल कांग्रेस ऑर्गेनाइजेशन नाम से अलग पार्टी बनाई थी। बाद में इसका विलय जनता पार्टी में हो गया। 1969 में ही बीजू पटनायक ने ओडिशा में उत्कल कांग्रेस, आंध्र प्रदेश में मैरी चेना रेड्डी ने तेलंगाना प्रजा समिति का गठन किया। इसी तरह 1978 में इंदिरा ने कांग्रेस आर छोड़कर एक नई पार्टी का गठन किया। इसे कांग्रेस आई नाम दिया। एक साल बाद यानी 1979 में डी देवराज यूआरएस ने इंडियन नेशनल कांग्रेस यूआरएस नाम से पार्टी का गठन किया। देवराज की पार्टी अब अस्तित्व में नहीं है।
1998 में ममता और 1999 में शरद पवार अलग हुए

1998 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस छोड़कर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस बना ली थी। वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं। इसके एक साल बाद ही शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर ने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी का गठन कर लिया था। अब इसे एनसीपी के नाम से जाना जाता है। शरद पवार अभी भी इसके प्रमुख हैं। आखिरी बार 2016 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के बड़े नेता रहे अजीत जोगी ने पार्टी छोड़कर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस नाम से नया दल बना लिया।
1971 से 2016 तक बनी नई पार्टियां

वर्ष संस्थापक पार्टी बाद में क्या हुआ
1971 सुकुमार रॉय बिप्लोबी बांग्ला कांग्रेस लेफ्ट फ्रंट का हिस्सा बन चुका है

1977 जगजीवन राम कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी   जनता पार्टी में विलय
1978 इंदिरा गांधी नेशनल कांग्रेस आई अब इंडियन नेशनल कांग्रेस नाम से प्रचलित
1980 एके एंटनी कांग्रेस ए  कांग्रेस में विलय
1981 शरद पवार इंडियन नेशनल कांग्रेस सोशलिस्ट शरद पवार कांग्रेस में विलय
1981 जगजीवन राम इंडियन नेशनल कांग्रेस जगजीवन अस्तित्व में नहीं

1984 शरत चंद्र सिन्हा इंडियन नेशनल कांग्रेस सोशलिस्ट (S) कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट में विलय

1986 प्रणब मुखर्जी   राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस कांग्रेस में विलय
1988 शिवाजी गणेशन       थामीजागा मुन्नेत्रा   जनता दल में विलय
1990  बंशी लाल हरियाणा विकास पार्टी कांग्रेस में विलय
1994 एनडी तिवारी, अर्जुन सिंह ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस कांग्रेस में विलय
1994 बंगारप्पा     कर्नाटक कांग्रेस पार्टी  कांग्रेस में विलय

1994  वजापड़ी रामामूर्ति तमिझागा राजीव कांग्रेस कांग्रेस में विलय
1996 बंगारप्पा कर्नाटक विकास पार्टी  कांग्रेस में विलय
1996 जियोंग अपांग   अरुणाचल कांग्रेस       कांग्रेस में विलय
1996-2014 जीके मूपानार और जीके वासान तमिल मानिला कांगेस 2001 में कांग्रेस में विलय, 2014 में फिर अलग हुए
1996 माधवराव सिंधिया मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस कांग्रेस में विलय

1997 वजापड़ी रामामूर्ति तमिलनाडु मक्कल कांग्रेस अस्तित्व में नहीं
1997 सुखराम हिमाचल विकास कांग्रेस कांग्रेस में विलय
1997 वेंह्गाबम निपामचा सिंह मणिपुर स्टेट कांग्रेस पार्टी आरजेडी में विलय
1998  ममता बनर्जी     एआईटीएमसी        पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी पार्टी

1998 फ्रांसिस डीसूजा   गोवा राजीव कांग्रेस पार्टी     नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी में विलय
1998   मुकुट मिठी अरुणाचल कांग्रेस     कांग्रेस में विलय
1998 सिसराम ओला   ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस सेक्युलर कांग्रेस में विलय
1998   सुरेश कलमाड़ी     महाराष्ट्र विकास अघाड़ी     कांग्रेस में विलय

1999 जगन्नाथ मिश्र भारतीय जन कांग्रेस   नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी
1999 शरद पवार, पीए संगमा, तारिक अनवर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी एनसीपी के नाम से प्रचलित
1999 मुफ्ती मोहम्मद सैय्यद पीडीपी   जम्मू कश्मीर में एक्टिव

2000 फ्रैंसिसको सरडिन्हा गोवा पीपल्स कांग्रेस   कांग्रेस में विलय
2001 पी चिदंबरम   कांग्रेस जननायक पेरावई   कांग्रेस में विलय

2001  कुमारी अनांथन           थांडर कांग्रेस     कांग्रेस में विलय
2001 पी कनन   पुडुचेरी मक्काल कांग्रेस    अस्तित्व में नहीं
2002 जंबुवंत्रो धोते   विदर्भ जनता कांग्रेस     महाराष्ट्र में एक्टिव
2002  छबिलदास मेहता   गुजरात जनता कांग्रेस   एनसीपी में विलय

2002 शेख हसन     इंडियन नेशनल कांग्रेस हसन  भारतीय जनता पार्टी में विलय
2003 केमेंग डोलो     कांग्रेस डोलो    भाजपा में विलय

2003 नेपियो रियो नगालैंड पीपल्स फ्रंट   नगालैंड में एक्टिव

2005 पी कनन पुडुचेरी मुन्नेत्रा कांग्रेस      कांग्रेस में विलय
2005 के करुणाकर       डेमोक्रेटिक इंदिरा कांग्रेस      एनसीपी और कांग्रेस में विलय
2007 कुलदीप विश्नोई     हरियाणा जनहित कांग्रेस कांग्रेस में विलय
2008 सोमेंद्रनाथ मित्रा     प्रगतिशील इंदिरा कांग्रेस टीएमसी में विलय

2011 वाईएस जगनमोहन रेड्डी वाईएसआर   आंध्र प्रदेश में एक्टिव
2011   एन रंगास्वामी         ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस   पुडुचेरी में एक्टिव

2014  नलारी किरण कुमार रेड्डी जय समायिकांध्र पार्टी कांग्रेस में विलय

2016 अजीत जोगी   छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ में एक्टिव

 

 

Leave a Reply

error: Content is protected !!