वे बिहारी जो दूसरे राज्यों से लड़ रहे है लोकसभा चुनाव

वे बिहारी जो दूसरे राज्यों से लड़ रहे है लोकसभा चुनाव

०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow
०१
WhatsApp Image 2023-11-05 at 19.07.46
priyranjan singh
IMG-20250312-WA0002
IMG-20250313-WA0003
previous arrow
next arrow

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक तापमान अब धीरे-धीरे चरम पर पहुंचने लगा है. इस बार बिहार की पृष्ठभूमि के सात राजनीतिक दिग्गज लोकसभा चुनाव में दूसरे राज्यों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें शत्रुघ्न सिन्हा, एसएस आहलूवालिया, कीर्ति आजाद, कन्हैया कुमार, मनोज तिवारी, महाबल मिश्रा और सोमनाथ भारती शामिल हैं.

बिहार में पहली बार बाहरी उम्मीदवार नहीं लड़ रहे चुनाव

इस बार ऐसा पहली बार हुआ है कि बाहरी उम्मीदवार बिहार में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. इससे पहले 2019 में शरद यादव ने मधेपुरा से चुनाव लड़ा था. हालांकि, बाहरी उम्मीदवाराें के बिहार आकर यहां से चुनाव लड़ने की शुरुआत 1952 के पहले लोकसभा चुनाव से ही हो गई थी. इस चुनाव सिंध प्रांत (हैदराबाद) के मूल निवासी आचार्य जेबी कृपलानी भागलपुर सीट से चुनाव लड़े और जीते भी. इस कड़ी में पूर्व पीएम चंद्रशेखर, जॉर्ज फर्नांडिस, मधु लिमये और एमजे अकबर के नाम प्रमुख रूप से शामिल है.

दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं बिहार निवासी चार नेता

फिलहाल मौजूद लोकसभा चुनाव की बात करें तो बिहार से बाहर जाकर दूसरे राज्याें में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले सात दिग्गज हैं. इनमें पश्चिम बंगाल में आसनसोल से तृणमूल के टिकट पर शत्रुघ्न सिन्हा चुनाव लड़ रहे हैं. शत्रुघ्न सिन्हा मूल रूप से पटना के रहने वाले हैं और पूर्व सांसद रहे हैं. उनके खिलाफ भाजपा के टिकट पर एसएस आहलूवालिया मैदान में हैं. वे बिहार से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं. इनके अलावा तृणमूल के टिकट पर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से कीर्ति आजाद चुनाव लड़ रहे हैं. वे दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद रह चुके हैं.

वहीं बिहार के बेगूसराय के रहने वाले कन्हैया कुमार उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. उनके खिलाफ भभुआ जिले के रहने वाले और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से ही 2019 का चुनाव जीतकर सांसद रहे मनोज तिवारी इस बार चुनावी मैदान में हैं.

वहीं मधुबनी के रहने वाले महाबल मिश्रा आम आदमी पार्टी के टिकट पर पश्चिमी दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं. यहीं से वे 2019 का चुनाव जीतकर सांसद बने थे. इसके अलावा नवादा जिला के रहने वाले सोमनाथ भारती भी आप के टिकट पर नयी दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में तीन बिहारी दिग्गज मैदान में

पश्चिम बंगाल में तीन बिहारी दिग्गज चुनावी मैदान में हैं। इनमें दो तृणमूल कांग्रेस तथा एक भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम शत्रुघ्न सिन्हा का है। दो बार पटना साहिब से भाजपा के सांसद और केंद्र में मंत्री रहे शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर फिर से मैदान में हैं।

2022 में वहां हुए उप चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा को जीत मिली थी। इस सीट से भाजपा ने पहले भोजपुरी फिल्म स्टार पवन सिंह को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया था, पर उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा ने एसएस अहलूवालिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। एसएस अहलूवालिया बिहार से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं।2019 के लोस चुनाव में वह बर्धमान-दुर्गापुर सीट से भाजपा के टिकट से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं।

इसी तरह पश्चिम बंगाल की बर्धमान- दुर्गापुर सीट पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के पुत्र व बिहार के दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद रह चुके कीर्ति आजाद को तृणमूल कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है। दिल्ली की जंग में दो बिहारी दिल्ली में इस बार दो बिहारी के नाम तय हो चुके हैं और तीसरे के नाम पर चर्चा चल रही। मधुबनी के रहने वाले महाबल मिश्रा 2022 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। इस बार वह पश्चिम दिल्ली सीट से आप के टिकट पर मैदान में उतर रहे।

Leave a Reply

error: Content is protected !!